शनिवार, सितंबर 20, 2008

शहीद श्री मोहन चंद शर्मा

रखवाले थे देश के, शर्मा मोहन चंद ।
जिनके कारण हम सभी, रहते हैं स्वच्छंद ।
रहते हैं स्वच्छंद, नमन है शर्मा जी को ।
कैसे दरिया बीच विदाई दें माँझी को ?
विवेक सिंह यों कहें, शत्रु ने पाँव पसारे ।
ऐसे मोहन किन्तु, चंद ही पास हमारे ॥

5 टिप्‍पणियां:

  1. शर्मा जी को नमन.
    आपको नमन इस काव्यात्मक श्रद्धांजलि के लिए.

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  2. शहीद मोहनचंद जी शर्मा को श्रधांजलि !
    आज ही किसी पोस्ट द्वारा इनके इतिहास
    का ज्ञान पहली बार हुवा ! वो सब जानने
    के बाद पीडा और बढ़ गई ! ऐसे होनहार
    की कमी कभी पुरी नही होती ! आपने
    काव्यात्मक श्रधांजलि देकर उनको
    प्रणाम किया ये आपकी महानता है !

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  3. शहीद मोहन चन्द शर्मा जी को शत शत नमन..

    ईश्वर से प्रार्थना है की उनकी शहादत नाकाम नही जाए..

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  4. शहीद मोहन चन्द शर्मा जी को नमन एवं श्रृद्धांजलि!!!

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  5. Aapne ek shahid ko kavya shradhanjali di. Shahid ko naman aur aapke kavitva ko bhi salam. Kavi, lekhak to aise hi apne shradha suman arpit kar sakta hai.Sharmaji jaise aur bahaduron ki is desh ko jarurat hai. unke samman men jitna jyada kaha jaye utana kam hai.

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