शनिवार, सितंबर 06, 2008

जनता की दरकार

अरुण जेटली की बने, दिल्ली में सरकार ।
बदले भृष्ट निज़ाम यह, जनता की दरकार ।
जनता की दरकार, सभी को है कौतूहल ।
कैसा होगा बीजेपी का सेफ्टी मॉडल ।
विवेक सिंह यों कहें, खत्म हो जाय बेकली ।
दिल्ली में सरकार बनाएँ, अरुण जेटली ॥

4 टिप्‍पणियां:

  1. सरकार बनायेगें जेटली
    या पकडे़गे केटली

    ये तो वक्त बतायेगा..:)

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  2. आगे आगे देखिये-होता है क्या!!!


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    निवेदन

    आप लिखते हैं, अपने ब्लॉग पर छापते हैं. आप चाहते हैं लोग आपको पढ़ें और आपको बतायें कि उनकी प्रतिक्रिया क्या है.

    ऐसा ही सब चाहते हैं.

    कृप्या दूसरों को पढ़ने और टिप्पणी कर अपनी प्रतिक्रिया देने में संकोच न करें.

    हिन्दी चिट्ठाकारी को सुदृण बनाने एवं उसके प्रसार-प्रचार के लिए यह कदम अति महत्वपूर्ण है, इसमें अपना भरसक योगदान करें.

    -समीर लाल
    -उड़न तश्तरी

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  3. आपकी सभी कुण्डलिया बहुत अच्छी लग रही हैं। मुझे कुण्डलिया पढ़ने में पहले से ही बहुत मजा आता है।

    (मैं देख रहा हूँ कि आपके ब्लाग पर बहुत सारे स्थानों पर 'सादा अनुस्वार' (या बिन्दी) के जगह पर चन्द्र बिन्दी लगी हुई है। इसका खयाल रखिये तो लोगों को आपका ब्लाग पढ़ने में और आनन्द आयेगा।

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  4. दरअसल पहले मैंने काफी कोशिश की थी ये बिन्दी लगाने की पर सफलता न मिली थी. आभारी रहूँगा अनुनाद सिंह जी का जिनके कहने पर मैंने पुनः प्रयत्न किया, और सफलता मिली . धन्यवाद अनुनाद सिंह जी .

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