रविवार, सितंबर 20, 2009

मुझे सिखाओ मत मितव्ययिता


मुझे सिखाओ मत मितव्ययिता!

अपना ज्ञान सँभालो आपै
मुझे न इसकी आवश्यकता
मुझे सिखाओ मत मितव्ययिता

स्विस-बैंकों में मेरा खाता
साक्षी मेरी मितव्ययिता का
करने लगूँ खर्च यदि खुलकर
मुद्रा-स्फीति चढ़ेगी ऊपर

मत माहौल बनाओ भय का
मुझे सिखाओ मत मितव्ययिता

पहली बार हुआ जब सांसद
तब से सांसद-निधि की भी मद
मैंने कभी न खर्ची पूरी
बनी तभी जनता से दूरी

मौका मिला न मन्त्री-पद का
मुझे सिखाओ मत मितव्ययिता

अब जब मैं भी मंत्री ही हूँ
बदला लेकिन रंच नहीं हूँ
तुम हाई-कमान के चमचे
काम नहीं यह होता हमसे

अन्य आइडिया सोचो दद्दा
मुझे सिखाओ मत मितव्ययिता

अपना ज्ञान सँभालो आपै
मुझे न इसकी आवश्यकता
मुझे सिखाओ मत मितव्ययिता

19 टिप्‍पणियां:

  1. आनन्द आ गया विवेक भाई. खूब डूब कर लोखा है.

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  2. छोटी सी तनख्वाह हमारी
    उपर से खर्च दुधारी
    सीख लो बच्चा मितव्ययिता
    =================
    बहुत खूब

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  3. अब जिसके पास जो होगा वही न सिखायेगा। इसी बहाने एक ठो कविता मिली ठेलने को!

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  4. Bahut sundar kavita..badhai !!

    शारदीय नवरात्र की हार्दिक शुभकामनायें !!

    हमारे नए ब्लॉग "उत्सव के रंग" पर आपका स्वागत है. अपनी प्रतिक्रियाओं से हमारा हौसला बढायें तो ख़ुशी होगी.

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  5. अपना ज्ञान सँभालो आपै
    तीनों लोक आपतैं कापैं.:)

    रामराम.

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  6. यहां प्रोफ़ाईल मे फ़ोटो विनम्र जी की लगी हुई है? जब उनसे चार्ज वापस ले लिया गया है तो उनकी फ़ोटो भी वापस की जाये और जो कम्पनी का इंचार्ज है उसी की फ़ोटो लगाई जानी चाहिये.

    आपत्ति दर्ज कि जाये मी लोर्ड.:)

    रामराम.

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  7. @ ताऊ जी,

    मेरी फोटो में आपको विनम्रता नज़र आयी , बहुत धन्यवाद,

    अब हम गर्व से कह सकेंगे कि हम भी किसी न किसी एंगिल से विनम्र दिखते हैं :)

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  8. वाह-वाह क्या बात है,। बहुत-बहुत बधाई

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  9. तुम्हरा स्विस बैंक मा खाता,
    हमरा गुल्लक भी भर न पाता,
    बस मनी ट्रांसफ़र की आवशयकता,

    जाओ नहीं सिखाते मितव्ययता...

    इंतज़ार में है गुरू

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  10. @ विवेक सिंह

    अति विनम्र पोज है भतिजे.:) बनाये रखिये.

    रामराम.

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  11. बड़ी विनम्र रचना है जी. विनम्रता का ऐसा दौरा पड़ता रहे, यही शुभकामना है.

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  12. बहुत सटीक लिखा है ! कविता के साथ साथ टिप्पणियाँ भी पढने में मजा आ गया |

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  13. JO CHUNAB JITTA HAI . WA HA SARBA GYA TA BAN JA TA HI . U SE SIKANEKA JURRAT KARNA HI MURKHATA HAI .


    naradbajracharya@yahoo.com

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  14. सटीक बात, अब एलीट क्लास मितव्ययता की बात सुनने को भी तैयार नही है । बल्कि अंग्रेजी मे " स्नब " कर देती है ।

    सुन्दर व्यंग के लिये धन्यवाद ।

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  15. एक दम सटिक बात जी, लेकिन एक कठीनाई है आप के लेख ओर तिपण्णि का साईज बहुत छोटा है, क्रूप्या शब्दो को (फ़ंत ) को थोडा बडा कर दे.
    धन्यवाद

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  16. हाँ मितव्ययता की ऊंहा कौनो जरूरत नहिये !

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  17. :-)...हमेशा की तरह करारी चोट वाला डंडा!

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