बुधवार, सितंबर 09, 2009

वहीं हमारे काशी-काबा


छोटा सा है गाँव हमारा ।
लगता हमें जहाँ से प्यारा ॥

जब स्कूल बन्द हो जाते ।
हम सब गाँव घूमने जाते ॥

भागदौड़ शहरों में जैसी ।
देखी नहीं गाँव में वैसी ॥

सुबह-शाम खेतों पर जाना ।
घर पर ऊधम खूब मचाना ॥

अम्मा-बाबा हँसते रहते ।
पापा भी कुछ हमें न कहते ॥

काश छुट्टियाँ जल्दी आयें ।
फिर से गाँव घूमने जायें ॥

जहाँ हमारे अम्मा-बाबा ।
वहीं हमारे काशी-काबा ॥

22 टिप्‍पणियां:

  1. बहुत बेहतरीन रचना:

    जहाँ हमारे अम्मा-बाबा ।
    वहीं हमारे काशी-काबा ॥

    -आपके बचपन की फोटो अच्छी लगी. :)

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  2. जहाँ हमारे अम्मा-बाबा ।
    वहीं हमारे काशी-काबा ॥
    सरल शब्दो मे बहुत खूबसूरत भाव की रचना
    बेहतरीन

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  3. बेहतरीन रचना
    गांव तो गांव ही होता है ! शेखावाटी के कवि भगीरथ सिंह "भाग्य " ने सही ही कहा है :-
    ना सुख चाहु सुरग रो नरक आवसी दाय।
    म्हारी माटी गांव री गळियाँ जै रळ जाय॥

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  4. जहां तुम्हारे दोनों बाबा
    वहीं तुम्हारी काशी काबा:)

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  5. बहुत ही सुन्दर रचना.... मनभावन

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  6. .
    .
    .
    जहाँ हमारे अम्मा-बाबा ।
    वहीं हमारे काशी-काबा ॥

    क्या खूब लिखा है मित्र...
    काश आज के दौर में सभी यह समझ पाते...

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  7. जिसने भी गाँव का मजा लिया है ... उसको सहर की खोखली ज़िन्दगी नहीं भाति | जो पंछी अम्बुज रस चाख्यो, करील फल कहाँ भावे |

    आपका ही फोटो है ना ? कौन हो, बड़ा या छोटा ?

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  8. जहाँ हमारे अम्मा-बाबा ।
    वहीं हमारे काशी-काबा ॥

    बेहतरीन रचना!!!!!!

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  9. आपने गाँव को याद किया - यह बहुत बड़ी बात है ।

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  10. यह रचना यथार्थ रचना है। हम तो हनीमून पर भी वहीं गए थे।

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  11. बहुत दिनो से दिल कर रहा है कुछ दिनो के लिये गांव हो आऊं।बहुत सही लिखा आपने घर ही स्वर्ग है माता-पिता ही देवी-देवता।

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  12. बहुत अच्छी दिल को छू लेने वाली रचना
    जहाँ हमारे अम्मा-बाबा ।
    वहीं हमारे काशी-काबा ॥

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  13. सुबह-शाम खेतों पर जाना ।
    घर पर ऊधम खूब मचाना ॥

    अम्मा-बाबा हँसते रहते ।
    पापा भी कुछ हमें न कहते ॥

    गाँव की तुलना शहर से की ही नहीं जा सकती...गाँव गाँव है और जिस गाँव में अम्मा बाबा हों वो तो स्वर्ग है...बहुत अच्छी रचना.
    नीरज

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  14. बिलकुल सही जी,
    मेरे काशी काबा भी गाँव में ही हैं.

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  15. जहाँ हमारे अम्मा-बाबा ।
    वहीं हमारे काशी-काबा

    yahi saty hae .

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