मंगलवार, फ़रवरी 16, 2010

कुत्ताहित याचिका

लोकतन्त्र का चौथा स्तम्भ कहलाने वाला मीडिया एक बार फिर विवादों में घिरता नज़र आ रहा है ।
विश्वस्त सूत्रों के हवाले से खबर मिली है कि कुत्तासंघ से मीडिया के खिलाफ न्यायालय में कुत्ताहित याचिका दायर करने का निर्णय लिया है ।
मीडिया पर आरोप हैं कि उसने कुत्तों के साथ भेदभाव किया और आदमी का पक्ष लिया ।
कुत्ते भौंकते भौंकते सठिया गये लेकिन कभी भी किसी कुत्ते के भौंकने को मीडिया ने खबर नहीं बनाया । जबकि आदमी जब भौंकता है तो उसे टीवी और अखबारों में सुर्खियों में जगह मिलती है, चाहे वह भौंकने की सीडी भी जारी कर दे तो उसे भी हाथोंहाथ लिया जाता है ।
कुत्ता युग-युग से अपने मालिक की चौकीदारी पूरी निष्ठा से करता आ रहा है । उसे कभी गम्भीरता से नहीं लिया गया । जबकि आदमी अपने स्वार्थवश भी यदि किसी स्टार की चौकीदारी करने लगता है तो उसे मीडिया सर आँखों पर बैठा लेता है ।
कुता कभी भी दूसरे मोहल्ले के कुत्ते को अपने मोहल्ले में नहीं आने देता । इसी से कहा जाता है कि अपने मोहल्ले में तो कुत्ता भी शेर होता है । दुनिया जानती है कि इसी बात को लेकर कुत्तों के बीच बड़े बड़े युद्ध तक हो चुके हैं । इतिहास गवाह है कि मोहल्ला भक्त कुत्तों ने जान की बाजी लगाकर भी दूसरे मोहल्ले के कुत्तों को अपने मोहल्ले में आने से रोका है । लेकिन अफसोस कि मीडिया ने उन्हें कभी सुर्खियों में जगह नहीं दी । किन्तु अब, जब आदमी भी अपने मोहल्ले में शेर बनने लगा है और दूसरे मोहल्ले के आदमियों को अपने यहाँ नहीं आने देता तो उसे बहुत बड़ी खबर बना दिया जाता है ।
इस याचिका पर न्यायालय का क्या रुख होगा इसके बारे में याचिका दायर होने से पहले ही जितने मुँह उतनी बातें हो रही हैं ।

10 टिप्‍पणियां:

  1. हमारी सहानुभूति भी कुत्ता-संघ के साथ है ......

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  2. आप एक सच्चे कुत्ता हितचिन्तक है...

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  3. इनके लिए भी एक अलग मिडिया प्रकोष्ठ होना चाहिए | याचिका में ये भी जुड़वाँ दे !!

    मजेदार पोस्ट :)

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  4. माफ कीजिए, आप कुत्तों की बेइज्जती खराब कर रहे हैं। कुत्तई में आदमी से आगे कौन निकल पाया है भला?

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  5. सिद्धार्थ शंकर त्रिपाठी से सहमत है जी,

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  6. मनेका गांधीजी प्रधानमन्त्री बनेंगी, तब कुत्त-न्याय मिल पायेगा!

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  7. ye humdardi rahi ya khichai ,magar vyang jordaar raha .aadmi peeche hoge ,d o g sahab aage ,is kalyug me aur kya kya chamtkaar dekhne ko mile pata nahi ,aage aage dekhte jaaye hota hai kya ?

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  8. सच तो है. कब ध्यान दिया गया बेचारे कुत्तों पर? सही याचिका.

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  9. वाह क्या बात है त्रिपाठी जी से मै भी सहमत हूँ धन्यवाद्

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