मंगलवार, जनवरी 13, 2009

नक्कारखाने में तूती

बडी प्रतिभा की छाया में छोटी प्रतिभा दबकर रह जाती है । उसे विकसित होने का पूरा मौका नहीं मिल पाता । अक्सर क्रिकेट की कमेँटरी सुनते समय मैनें कमेण्टेटर को कहते सुना है कि सचिन तेण्दुलकर की प्रतिभा के साये में सौरव गांगुली और राहुल द्रविड की प्रतिभाओं के साथ पूरा न्याय न हो सका । उन्हें कभी वह स्थान न मिल सका जिसके वे हकदार हैं ।

अभी पिछले दिनों इसी तरह का एक और केस हो गया । छोटे राजू ने सौ करोड का धमाका प्लान किया हुआ था । सारी तैयारियाँ हो चुकी थीं कि अचानक बडा राजू उससे कई गुना बडा धमाका करके चलता बना । हो गया न छोटे राजू के साथ पंगा । बेचारा न घर का रहा न घाट का । अब धमाका इस स्थिति में भी न था कि उसे डिले किया जा सके । लिहाजा औपचारिकता पूरी करनी ही पडी ।

हमने अब तक न तो नक्कारखाना देखा और न ही तूती । फिर भी और किसी उपमा के अभाव में कह सकते हैं कि छोटे राजू का धमाका नक्कारखाने में तूती की भाँति फिस्स हो गया । इस नजरिये से देखें तो बडे राजू पर छोटे राजू की प्रतिभा हनन का केस भी बनता है । ऐसे ही लोगों की वजह से हमारा देश प्रतिभा पलायन का शिकार है ।

सुना है बडे राजू बुद्ध की शरण में चले गए हैं । कौन जाने बुद्ध की शरण में गए हैं या सबको बुद्धू बना रहे हैं !

16 टिप्‍पणियां:

  1. इसी लिए तो आजकल पोस्ट नही लिख रहा हू.. आप के सामने लिखूंगा तो कही मेरी प्रतिभा का हनन नही हो जाए.

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  2. राजू बना गया मेंटलमैन - स्रोत टाइम्स आफ़ इण्डिया


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  3. प्रविष्टि अच्छी लगी. बुद्धू नहीं बना रहा हूं.

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  4. बिल्कुल, विवेक के सामने औरों का विवेक पानी भर रहा है!

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  5. बड़ा राजू भी अभी गांगुली ही है, तेंदुलकर और ब्रैडमन अभी बाकी हैं :-)

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  6. दुर्घटना ही कहें की उसकी शौर्यगाथा सामने आ गई. हमारे यहाँ तो कई महान होंगे. सिद्धार्थ कहाँ लगते हैं.

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  7. बड़े राजू की आवाज़ भी तूती की सी ही लगेगी इंतज़ार कीजिये . कोई और भी होगा १०००० ,२०००० करोड़ का झटका देगा .

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  8. मेरा भारत महान
    यहाँ एक से एक बढ़कर बसते है ...देखते चलिए आगे आगे होता है क्या .

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  9. हा हा हा...पहले ये आपका आलेख और फिर कुश जी की टिप्पणी

    मैं तो बस "मेरा नाम राजु...बहती है गंगा..." गुन्गुनाता हूं

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  10. बहुत अच्छा लिखते हैं आप..विषय पर आपकी पकड़ कमाल की है...बहुत ही अच्छा लगा आप के ब्लॉग पर आना...अब आना जाना लगा ही रहेगा...
    नीरज

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  11. बहुत बढ़िया. छोटे राजू के दिन भी आयेंगे. तब उन्हें सौ करोड़ नहीं, हज़ार करोड़ वाले धमाके से भी कोई नहीं रोक सकेगा.

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