तहाँ तहाँ ते आ दाते हैं
तलते थेद उती थाली में
दितमें में लथ थाना थाते हैं
तहाँ तहाँ ते आ दाते हैं
तलते बत अपनी मनमानी
औलों ती बातें बेमानी
बत ये ही तो बते हैं द्यानी
अपनी बात तहे दाते हैं
तहाँ तहाँ ते आ दाते हैं
विनम्लता ते बैल पुलाना
दो दी में आये तह दाना
इधल लदाना उधल बुदाना
त्वतल्तव्य तलते दाते हैं
तहाँ तहाँ ते आ दाते हैं
औलों तो इमोतनल तलते
त्वयं उदाती ते भी दलते
अत्तहास ते तान ततलते
बात बात पल मुतताते हैं
तहाँ तहाँ ते आ दाते हैं
अपना पतधल लोत न पाये
नदल हमाली ओल धुमाये
बतन्त देथा तो ललताये
ये तब त्या अत्थी बातें हैं ?
तहाँ तहाँ ते आ दाते हैं
बैथे इलाहाबाद में दातल
बोले थूब दोत में आतल
हुतैन हम ना हुए वहाँ पल
दहाँ बैथ तब बतियाते हैं
तहाँ तहाँ ते आ दाते हैं !
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