गुरुवार, सितंबर 23, 2010

देश की अस्मिता के लिए मातृभाषा की आवश्यकता




प्रस्तुत निबंध हमारी कम्पनी द्वारा आयोजित निबंध प्रतियोगिता में लिखकर दिया है । देने से पहले एक कॉपी करा ली ताकि और कुछ इनाम विनाम मिले या न मिले पर एक पोस्ट तो निकाल ही ली जाए अपनी इतनी मेहनत के बाद ।














14 टिप्‍पणियां:

  1. प्रथम पुरस्कार की संस्तुति करनी चाहिये, इस सुन्दर निबन्ध के लिये।

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  2. सुन्दर आलेख
    वाकई पुरस्कार लायक

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  3. हमसे अपेक्षा है की हम ये ८ पेज पढ़े? बताइये.. बताइये...?

    आते है फिर से.. पढने के लिए..

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  4. @ रंजन,

    हमने आपसे पढ़ने की उपेक्षा करने की ही अपेक्षा की थी । जिस पर आप खरे उतरे । जब हमने स्वयं एक बार लिखकर इसे दोबारा नहीं पढ़ा तो कैसे उम्मीद करें कि कोई इसे पढ़ेगा । जाँचने वालों से भी हमें उम्मीद नहीं है । इसीलिए थोड़ा कलम साधकर लिखा है ताकि देखकर ही अच्छा लग जाए ।
    लेकिन आपने आठ पेज गिनकर हमें चौंका भी तो दिया है । अब हमें विश्वास हो चला है कि हिन्दी को पानी देने वाले लोग हैं अभी ।
    हमने तो सोचा था साढ़े सात ही पेज लिखे हैं हमने :)

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  5. बहुत बढ़िया है. सम्भवत: "जिसको न निज गौरव" पंक्तियां श्रीमन मैथिलीशरण गुप्त जी की हैं. आपको शत-प्रतिशत अंक...

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  6. बहुत बढ़िया निबंध |
    प्रथम पुरुस्कार के लिए हम भी संस्तुति कर रहे है |

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  7. @ विवेक भाई.. साढ़े सात तो तब होते जब आधा खाली पेज भी फोटो में दिखाते...

    एक सांस में पढ़ डाला.. बहुत दमदार लिखा है.. प्रथम पुरस्कार पाने इ अग्रिम बधाई...

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  8. लेख अतिउत्तम है और हस्तलेख भी . शुद्ध हिन्दी का अति प्रयोग क्या नीर छीर विवेकीय निर्णायको को समझ आयेगा . यदि आ गया तो प्रथम स्थान निश्चित है .

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  9. जरूर इस पर पुरुस्कार मिलेगा। सुन्दर प्रस्तुति। बधाई।

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  10. बहुत सुंदर ओर सत्य लिखा है, काश आम लोग इस पर अमल कर सके, धन्यवाद

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  11. मौ...सी..ज्जी अगर इसको फस्ट इनाम नईं मिला तो मैं सुसाइड कर लूंगा.....सु....स्सा....ईड...

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  12. bahut hi acha nibhand likha hai aapne...
    ek baat aur....aapki writing bahut achi hai
    really nice....thanks Archana

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  13. @ भारतीय नागरिक - Indian Citizen,
    हमने पुन: जाँच की तो पता चला है कि ये पंक्तियाँ श्री महावीर प्रसाद द्विवेदी जी ने ही गणेश शंकर विद्यार्थी जी को उनके पत्र ’प्रताप’ के लिए लिखकर दी थीं । लिंक1 और लिंक2 पर भी देखें ।

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  14. बढिया लिखा है। इनाम की सूचना भी दी जाये। निबंध तो जंच गया होगा अब तक!

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