शनिवार, मार्च 27, 2010

दो परमाणु करार


बाबूजी बच्चे जिएं, खुशियाँ मिलें हज़ार ।
दो अल्लाह के नाम पर, इक परमाणु करार ॥
इक परमाणु करार, बदल दो मेरी किस्मत ।
कहीं पड़ौसी लूट ही न ले मेरी अस्मत ॥
मौज़िल कहें डिमाण्ड एक यह, और न दूजी ।
दो परमाणु करार जिएं बच्चे बाबूजी ॥

8 टिप्‍पणियां:

  1. परमाणु करार मिलेगा तुझको बच्चा
    हो सके तो पड़ोसी को खा जाओ कच्चा

    उत्तर देंहटाएं
  2. आदत तो बाबूजी ने ही बिगाड़ी है इस भिखमंगे की !

    उत्तर देंहटाएं
  3. Kya kahen? Aaj Pradeep ka wo geet yaad aa gaya...'Barood ke ik dherpe baithi hai ye duniya, Atom bamoke zorpe ainthi hai yah duniya'..

    उत्तर देंहटाएं
  4. दो परमाणु करार जिएं बच्चे बाबूजी ॥

    यानि हँसना और गाल फुलाना एक साथ।
    बहुत खूब।

    उत्तर देंहटाएं
  5. दे अल्लाह के नाम बाबू जी तुझ को अल्लाह चके...
    अबे भिखारी क्या यह बम्ब अपनी मां की शादी मै छुडायेगा? अगर पडोसी से पंगा लिया तो....

    उत्तर देंहटाएं
  6. मियां जरदारी आपका वारण्ट निकलवा रहे हैं :)

    उत्तर देंहटाएं
  7. ले लो, परमाणु करार,
    लेकिन फटोगे तुम खुद भी,
    और सिर्फ यही देगा अंकल सैम के दिल को करार...

    जय हिंद...

    उत्तर देंहटाएं

मित्रगण