रविवार, सितंबर 07, 2008

ब्लॉग लिख कुँए में डाल

अर्जुन बोले," हे केशव ! मैं ब्लॉग लिखने में स्वयं को सर्वथा इच्छारहित पा रहा हूँ . मुझे ब्लॉग लिखने से मिलेगा क्या ? एक टिप्पणी ? कभी कभी तो वह भी नहीं मिलती . हद तो तब हो जाती है जब टिप्पणीकार टिप्पणी के बदले टिप्पणी की जंगली डिमाण्ड कर बैठता है . ऐसे ब्लोगरों को देखकर मेरी ब्लॉग लेखन शक्ति का ह्रास हो रहा है . मेरी फिंगर्स ट्रिप हो रही हैं . की-बोर्ड को छूते ही शॉक लग रहा है .पूरा भेजा टेंशना रहा है .
धृतराष्ट्र बोले," तो क्या संजय अर्जुन ब्लॉग नहीं लिखेगा ? तो क्या मेरे पुत्रों को ब्लॉग वाणों का सामना नहीं करना पडेगा ? "
संजय उवाच," महाराज ! मुझे तो ऐसा नहीं लगता . आप आगे का आँखों देखा हाल सुनिए ."
अर्जुन आगे बोले," हे केशव ! मुझे ब्लॉग क्यों लिखना चाहिए, कृपया थोड़ा खोल कर समझाइए ."
श्री भगवान बोले," हे पार्थ ! एक ज्ञानी ब्लॉगर को कदापि टिप्पणी पाने की इच्छा के वशीभूत होकर न लिखना चाहिए . ब्लॉग का तो धरती पर अवतरण ही अभिव्यक्ति हेतु हुआ है . इसका मूल उद्देश्य टिप्पणी पाना नहीं है . "
अन्त में कन्हैया जी बोले," हे अर्जुन ! तूने वह कहावत तो सुनी होगी कि ब्लॉग लिख और कुँए में डाल ।"

संजय बोला," महाराज ! अर्जुन की उँगलियों की धमक से की-बोर्ड हिल रहा है ."
धृतराष्ट्र ने भेजा ठोक लिया .

11 टिप्‍पणियां:

  1. मजा आ गया भाई। बहुत बढ़िया। बिना कमान के ही बड़ा पैना तीर चलाया है।

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  2. हमें कन्हैया ने भेजा है सो हम टिपिया रहे हैं।
    टिप्पणी पाना है तो निम्न कर्म करें:-
    १. अपना ये वर्ड वेरीफ़िकेशन हटायें।
    २. नियमित लिखें।
    ३. दूसरों के यहां टि्पियायें ताकि उनको पता चले कि विवे्क नाम का कोई ब्लागर लिखता भी है।

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  3. जनता की भारी माँग पर वर्ड वेरीफिकेशन हटा दिया है . शुक्ल जी का धन्यवाद .

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  4. पर आपका टिप्पणी बॉक्स तो फुल है,अच्छा लिखा।

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  5. लीजिए भाई , मेरी भी टिप्पणी। लेखन शक्ति का ह्रास नहीं होना चाहिए। अच्छा पढ़ने को कैसे मिलेगा।

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  6. पढकर मजा आ गया। अच्‍छा लि‍खा गया है।

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  7. टिप्पणी को पावती या किसी उच्चता मापक पैमाने के नज़रिये से देखेंगे तो निश्चित ही यह अहसास सही है किन्तु अगर उसे प्रोत्साहन या परस्पर प्रोत्साहन की दृष्टि से देखें तो हिमालय की सी ऊँचाईयाँ भी आसानी से चढ़ी जा सकेंगी. यही उद्देश्य है और पूर्व में किए गये आग्रह का ध्येय भी, जो कि सभी के लिए है.

    आशा है आप बात की गहराई में जाने का प्रयत्न करेंगे.

    कटाक्ष और बात रखने का तरीका पसंद आया और सराहनीय है. बधाई.

    नियमित लेखन के लिए मेरी शुभकामनाऐं.

    वर्ड वेरीफिकेशन हटाने के लिए आभार.

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  8. ekdam mast lekhan. ek kaam kariye ki jis page se word verification hataya hai, usi page par upar ki or hi open in pop up window hoga. vah bhikar den toh tabiyat khush ho jaye. :)

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  9. jhakaas hai bhai ye to ....ham to tipiya rahe hai.....bhale hi gyaani na ho.....

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