गुरुवार, अक्तूबर 30, 2008

सपना जो देखा था

चन्दा मामा पर बसा, भारत का साम्राज्य ।
अब यह भी इस देश का अंग हुआ अविभाज्य ।
अंग हुआ अविभाज्य दखल मत दो अमरीका ।
लालकिले से भाषण था मनमोहन जी का ।
विवेक सिंह यों कहें कहो क्या बुरा किया है ?
सपना जो देखा था सबको बता दिया है ॥

9 टिप्‍पणियां:

  1. सुंदर शब्दों का प्रयोग सुन्दरता से किया गया है.

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  2. विवेक सिंह यों कहें कहो क्या बुरा किया है ?
    सपना जो देखा था सबको बता दिया है ॥
    बहुत जोरदार रचना ! शुभकामनाएं !

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  3. सही किया बता दिया वर्ना हमको पता ही न चलता!

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  4. 'अंग हुआ अविभाज्य दखल मत दो अमरीका' चलिए भारत का एक और अविभाज्य अंग बढ़ गया !

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  5. यों ही बताते रहो भाई
    छटपूजा की बहुत बधाई
    उधर डोलते राज ठाकरे
    इधर हैं लालू हातिमताई
    यों ही बताते रहो भाई
    छटपूजा की बहुत बधाई

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  6. तीन दिवस तो बीत गये
    चाँद से उतर आओ विवेक भाई

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