रविवार, सितंबर 14, 2008

जबरदस्ती आएंगी ?

आज मुदित मन मिल गया, नया तरीका एक ।
अधिक टिप्पणी चाहिये ? ताक रखें स्वविवेक ।
ताक रखें स्वविवेक, विवादास्पद ही लिखना ।
बता अन्य को निम्न, स्वयं तुम महान दिखना ।
विवेक सिंह यों कहें, जबरदस्ती आएंगी ।
अच्छी हों या बुरी किन्तु मन हर्षाएंगी ॥

2 टिप्‍पणियां:

  1. विवादास्पद ही लिखना = यह काठ की हांडी है, बार बार नहीं चढ़ती!!! इसे भी ध्यान रखना, अनुज!!

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  2. मतलब गुरु जी कल का विवाद भूल चुके हैं . धन्य हैं.

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