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चुनाव हारे तो बने, गृहमन्त्री तो आप किन्तु सीरियस ना हुए, यही बडा संताप यही बड़ा संताप, रहे अपने ही मद में अब तक तो कुछ नया न कर पाए संसद में विवेक सिंह यों कहें राष्ट्र को आप न छलिए गृहमन्त्री हैं आप सिर्फ कपड़े न बदलिए