संभव है कि इस ब्लॉग पर लिखी बातें मेरी विचारधारा का प्रतिनिधित्व न करती हों । यहाँ लिखी बातें विभिन्न दृष्टिकोणों से सोचने का परिणाम हैं । कृपया किसी प्रकार का पूर्वाग्रह न रखें ।
बिलाग पर कुछ अईसा लिखो कि... लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
बिलाग पर कुछ अईसा लिखो कि... लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
मंगलवार, जनवरी 20, 2009
बिलाग पर कुछ अईसा लिखो कि...
"अरे ऊ अफसर को बुला तो फुनवा पर जो बिलागर है "
अफसर फोन पर आता है ।
" हेल्लो सर गुड मॉर्निंग "
" ए अफसर ! हम सुना हूँ तुम ऑफिस में खाली बिलागिंगै करता रहता है "
" नहीं नहीं सर वो ऐक्चुअली ...'
" अरे हप ! हमका सब मालूम है , तुम्हारे ऊ सुरतिया ने हमका सबै बता दिया है "
" नहीं सर वो सुरतिया नहीं होगा वो तो ऐक्चुअली ..."
" अरे हप ! हम जानबूझकर गलत बोला हूँ . अच्छा डरो मत हमका ई बताओ ई बिलागिंग का कोनू फायदा भी है कि खाली टाइमै खराब करता है ? ''
" नहीं सर इससे पब्लिक तक अपनी बात अच्छी तरह पहुँचा सकते हैं "
" अच्छा ठीक है पब्लिक को ई बता दे कि हम ज्यादे बच्चे पैदा करके कुछ गलत नहीं किया हूँ "
" जी सर ठीक ही तो कह रहे हैं , मैं तो कहता हूँ सभी को ज्यादा बच्चे पैदा करने चाहिए , इससे देश आगे बढेगा , जितने हाथ उतना काम...."
" अरे हप ! भाषण तो हम खुदै बहुत दे लेता हूँ . बिलाग पर कुछ अईसा लिखो कि...."
यह बातचीत चल ही रही थी कि मेरी आँख खुल गई और यह सपना अधूरा ही रह गया .
सदस्यता लें
संदेश (Atom)