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मंगलवार, सितंबर 16, 2008

एक ब्लॉगर का स्टिंग ऑपरेशन

"ब्रेकिंग न्यूज ! ब्रेकिंग न्यूज !"एंकर गला फाड फाड कर चिल्ला रहा था," हमारे न्यूज चैनल 'परसों तक' की टीम ने किया एक जाने माने ब्लॉगर का स्टिंग ऑपरेशन .तो आइए आपको बताते हैं कैसे हुआ ये सब .हमारे सहयोगी प्रभु डावला और श्वेता विंग पहुँचे ब्लॉगर के घर पिता पुत्री के रूप में .कॉलिंग बेल बजती है , दरवाजा खुद ब्लॉगर ने ही खोला . प्रभु डावला बोलते हैं," जी मैं प्रभु डावला और ये मेरी पुत्री श्वेता . दर असल हम अपने एक रिश्तेदार के घर पर पास में ही आए हुए थे तो उन्होनें बताया कि आपका पुत्र शादी के योग्य है .""मैं समझ गया , आप बाहर क्यों खडे हैं अन्दर आइए ना . अन्दर बैठकर बातें करते हैं . आइए आइए ." ब्लॉगर बोलता है .आप देख सकते हैं हमारे टीवी स्क्रीन पर ब्लॉगर के घर का दृश्य . हमारा खुफिया कैमरा बखूबी अपना काम कर रहा है .प्रभु जी कोई रिस्क नहीं लेना चाहते तुरंत ही बडी चतुराई से मुद्दे की बात पर आगए ,"मेरी बेटी एक बहुराष्ट्रीय कम्पनी में काम करती है . थोडा बहुत ब्लॉग भी लिखती है .""ब्लॉग तो मैं भी लिखता हूँ " ब्लॉगर बोला .श्वेता मौका नहीं खोना चाहती," सर आपको कौन नहीं जानता, बहुत टिप्पणियाँ पढी हैं आपकी . पर मुझे आपकी कोई टिप्पणी अभी नहीं मिली ."ब्लॉगर लज्जित होकर तुरंत सेक्रेटरी को आवाज देता है . सेक्रेटरी हाजिर होती है . आप देख सकते हैं हमारे टीवी स्क्रीन पर .ब्लॉगर लगभग डाँटते हुए पूछता है," ये मैं क्या सुन रहा हूँ, ये मैडम ब्लॉग लिखती हैं और हमारी टिप्पणी नहीं मिली आजतक इन्हें .""ऐसा कैसे हो सकता है सर . मैं अभी ब्लॉगिंग एजेण्टों से पता लगाती हूँ . मैडम किस नाम से है आपका ब्लॉग ?""मेरा ब्लॉग स्वप्नलोक नाम से है" श्वेता ने ऐसे ही बोला . "पर ये ब्लॉग तो श्री विवेक सिंह जी का है . उनका बॉयकॉट चल रहा है आजकल . टिप्पणी वापस नहीं करते ना . उन्हॉने कहीं आपको चपेक तो नहीं दिया , कितने लिए ?" सेक्रेटरी एक सांस में बोल जाती है ."नहीं मेरा ब्लॉग तो स्वप्नलोक टू है , आज ही शुरू किया है ." श्वेता ने बात सँभाली .सेक्रेटरी चली गयी .प्रभु जी जो अब तक चुपचाप सब माज़रा देख रहे थे बोल्रे," पर ये सेक्रेटरी और एजेण्टों का ब्लॉग से क्या सम्बंध ?"ब्लॉगर ने राज उगला," आप तो अब हमारे रिश्तेदार होने वाले हैं आप से क्या छुपाना . मैं क्या आपको इतना फालतू दिखता हूँ .भगवान का दिया करोडों का बिजनेस है . यहाँ विदेश में घर छोड कर क्या ब्लॉगिंग के लिए पडा हूँ . पर हाँ थोडी शोहरत भी चाहिए . उसी के लिए ये दस बारह बच्चों को काम पर रख लिया है . कुछ मैं दे देता हूँ, कुछ गूगल से मार लेते हैं . ये परोपकार भी चल रहा है और अपने देश वाले भी खुश . सबको टिप्पणी मिल जाती है और क्या चाहिए . पर आप कहाँ ब्लॉगिंग की बातों में उलझ गये ."इतने में ब्लॉगर का लडका वहाँ आगया और बोला," अरे प्रभु जी , श्वेता जी आप ? पापा आप इन्हें जानते हैं ? बताया नहीं कभी आपने .""बेटा मैं इनको पिछले दस मिनट से ही जानता हूँ . पर तुम कैसे जानते हो इन्हें ?" ब्लॉगर थोडा कनफ्यूजिया गया था ."पापा आप क्या कह रहे हैं . ये प्रभु डावला जी हैं 'परसों तक' पर 'टेढी बात' कार्यक्रम में आते हैं .और ये श्वेता विंग जी हैं इनकी रिपोर्टर ."सुनते ही ब्लॉगर का बीपी लो हो गया . वह दवा लेने के लिए भागा . पीछे पीछे लडका भागा . हमारे सहयोगी मौका देखकर वहाँ से खिसक लिए . इस तरह यह स्टिंग ऑपरेशन अधूरा ही रह गया ."न्यूज एंकर इतना कह ही रहा था कि मेरी आँख खुल गयी और सपना अधूरा ही रह गया .

शुक्रवार, सितंबर 12, 2008

कृपया सुनें अपील !

प्यारे ब्लॉगर भाइयो, कृपया सुनें अपील ।
मुक्तहस्त दें टिप्पणी, इसमें ना हो ढील ।
इसमें ना हो ढील, हुआ अधिकार ये सबका ।
मिलें टिप्पणी प्रचुर, हो लाभान्वित हर तबका ।
विवेक सिंह यों कहें, उन्नति ब्लॉग जगत की ।
धुआँधार टिपियाएँ , भूल सब बात विगत की ॥

मित्रगण